जी20 सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता का महत्व और उपलब्धियां । जी20 सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता: भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक

जी20 सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता का महत्व और उपलब्धियां । जी20 सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता: भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक

नमस्कार दोस्तो !

भारत ग्लोबल इकोनॉमी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसकी गैर-आधारभूत अर्थव्यवस्था आज विश्व में मान्यता प्राप्त है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विश्व के सबसे बड़े 20 अर्थव्यवस्थाओं के संगठन जी-20 का एक महत्वपूर्ण सदस्य बनाया है। भारत की गतिविधियों के आधार पर यह एक महत्वपूर्ण फैसला है, जो भारत को एक आर्थिक शक्ति के रूप में विश्व में मान्यता प्रदान करता है। जी-20 दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाएं हैं जो कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, निवेश, वित्तीय संरचना और अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। जी-20 देशों का संगठन है जो अपने समझौतों के माध्यम से आर्थिक विकास, उत्पादनता और अन्य अर्थव्यवस्था संबंधी मुद्दों पर सहमति तैयार करते हैं।

                                                                                    



 भारत का सदस्यता प्रदान करना उसकी सक्षमता को बढ़ावा देने के साथ-साथ, विश्व व्यापार में भारत के प्रतिनधिमापन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत जी-20 के सदस्यता से अपनी संभावित आर्थिक ऊर्जा को समझौते में बढ़ावा देने वाली पहली एशियाई देश बन गया है। भारत जी-20 का सदस्य बनकर अपनी आर्थिक सक्षमता और भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व समुदाय में बढ़ावा देने के लिए तैयार है। भारत की जी-20 सदस्यता ने देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण भूमिका दी है। भारत ने जी-20 के मंच पर अपनी स्थापित स्थिति को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारत ने अपनी आर्थिक संभावनाओं को प्रस्तुत करने के लिए जी-20 के मंच पर विस्तृत भाषण दिया है और विभिन्न स्तरों पर भारत और अन्य देशों के बीच संवाद का मंच बनाया है। भारत जी-20 के सदस्यता के माध्यम से अपने विदेशी नीति को मजबूत करने के साथ-साथ, देश ने आर्थिक और वित्तीय संबंधों में भी विश्व समुदाय के साथ सहयोग बढ़ाया है। भारत ने जी-20 के मंच पर अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर अर्थव्यवस्था की नीतियों और विश्व वित्तीय समुदाय के साथ अनुबंधों को समझाने के लिए अनेक बैठकें आयोजित की हैं।

                                                                             


 भारत ने जी-20 में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। भारत जी-20 के सदस्यता से देश ने विश्व अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने अपनी विपणन और वित्तीय सेवाओं को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए कई नए पहलुओं को शुरू किया है। भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व समुदाय के लिए अहम माना जाता है और भारत जी-20 के सदस्यता से इस मान्यता को और भी मजबूत करने में सफल रहा है। जी-20 में भारत का सदस्यता मंच देश के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए भी एक बड़ा मौका प्रदान करता है। जी-20 के सदस्य बनने के बाद, भारत ने नकदी संसाधनों, निवेश, वित्तीय सेवाएं और बैं भारत ने जी-20 में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, अनुसंधान और विकास से जुड़ी मुद्दों पर भी चर्चा की है। इससे भारत ने अपने विकास के लक्ष्यों को सामूहिक रूप से प्राप्त करने का अवसर प्राप्त किया है। 

                                                                                         


भारत ने जी-20 में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से कोविड-19 से जुड़ी मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। भारत ने वैक्सीन उत्पादन और वितरण, रोग नियंत्रण और उपचार, लॉकडाउन के प्रबंधन और सामूहिक छुट्टियों के अधिकारियों के लिए भी चर्चा की है। भारत ने जी-20 में इन मुद्दों को समझाने और इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। भारत ने जी-20 के सदस्यता से विश्व के समस्याओं को समझने और समाधान के लिए नई नीतियों और उपायों का प्रस्ताव भी किया है। भारत ने विश्व वित्तीय संकट के समय भी अपनी मजबूत वित्तीय नीतियों को जारी रखा है यांकन सहित अन्य कई उद्योगों में अपने पैर जमाने के लिए सक्रिय रूप से योजनाएं चला रहा है।

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