आज के दौर में जब देशभक्ति शब्द की बात होती है, तो इसे कुछ लोग बस मजाक का एक विषय मानते हैं। इन लोगों के मन में देशभक्ति एक भ्रांति के समान रहती है और उन्हें लगता है कि अगर कोई देशभक्ति के नाम पर कुछ करता है तो वह बस एक बेवकूफ होता है। इस तरह की सोच आज के समय में बहुत खतरनाक हो सकती है। देशभक्ति हमारे लिए एक महत्वपूर्ण विषय है जो हमें एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अग्रसर करता है। इसलिए, देशभक्ति का मजाक नहीं बल्कि समझ और उसमें समर्पण होना चाहिए।
देशभक्ति आज के समय में एक बहुत अहम विषय है। लेकिन, इस विषय को कुछ लोग अपनी सियासत और धर्म की राजनीति में शामिल करते हैं। यह सही नहीं है। देशभक्ति को सियासत या धर्म से जोड़कर उसे एक मजाक का विषय बनाना सही नहीं है। देशभक्ति का मतलब होता है हमारे देश के लिए समर्पण करना और अपने देश के लिए कुछ अच्छा करने का संकल्प लेना। यह एक उच्चतम महत्व और सम्मान का विषय है।
देशभक्ति का समझना बहुत आवश्यक है। देशभक्ति का मतलब है हमारे देश के लिए कुछ करना और देश के समृद्धि और उन्नति के लिए समर्पण करना। देशभक्ति के रूप में कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति या अपने धर्म को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जो कि गलत है। देशभक्ति का असली मतलब होता है देश के समृद्धि और उन्नति के लिए समर्पण करना।
देशभक्ति का मतलब है अपने देश के लिए समर्पण करना। आज के समय में, देशभक्ति को समझना बहुत आवश्यक है !
देशभक्ति एक ऐसा विषय है जो हमारे देश के लिए समर्पण करने का संकल्प लेने से जुड़ा हुआ है। यह एक उच्चतम महत्व वाला विषय है जिसको गलत ढंग से समझाया जाता है। लेकिन आज के समय में कुछ लोग देशभक्ति को अपनी सियासत या अपने धर्म की राजनीति में शामिल करते हैं, जो कि गलत है। देशभक्ति को सियासत या धर्म से जोड़कर उसे एक मजाक का विषय बनाना सही नहीं है।
आज के समय में, देशभक्ति को सही ढंग से समझाना बहुत आवश्यक है। देशभक्ति का मतलब होता है हमारे देश के लिए समर्पण करना और देश के समृद्धि और उन्नति के लिए समर्पण करना। देशभक्ति का मतलब होता है देश के लिए कुछ करना और देश के समृद्धि और उन्नति के लिए समर्पण करना।
देशभक्ति को सही ढंग से समझाना हमारे देश के लिए बहुत आवश्यक है। देशभक्ति का मतलब होता है देश के लिए कुछ करना और देश के समृद्धि और उन्नति के लिए समर्पण करना। इससे अधिकतर लोग उसके सही मतल
को समझ नहीं पाते हैं और इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस तरह से, वे देशभक्ति को अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं जो कि गलत होता है।
देशभक्ति एक अहम विषय है और हमें इसे सही ढंग से समझाना चाहिए। देशभक्ति का अर्थ होता है देश के लिए समर्पण करना। यह हमारे देश के समृद्धि और उन्नति के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए, हमें इसे सही ढंग से समझाना चाहिए और देश के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए।
इसके अलावा, हमें देशभक्ति के रूप में सिर्फ नागरिकता नहीं बल्कि अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे वातानुकूलता, समानता, स्वतंत्रता, विकास और उन्नति के लिए समर्पित होना भी शामिल है। हमारी देशभक्ति की परिभाषा इसे समझाती है कि हमें अपने देश के लिए कुछ ना कुछ करना चाहिए और समानता, स्वतंत्रता, विकास और उन्नति के लिए समर्पित होना चाहिए।
इसलिए, हमें देशभक्ति को सही ढंग से समझाना और देश के समृद्धि और उन्नति के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। देशभक्ति सिर्फ शब्दों में नहीं, कामों में भी होती है। यदि हम अपने देश के विकास और उन्नति के लिए कुछ ना कुछ नहीं करेंगे तो देश का विकास रुक जाएगा और देश की स्थिति और भी बुरी हो सकती है।
आज के समय में, देशभक्ति को एक मजाक बना दिया गया है। लोग इसे अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करते हैं और इसे एक शोषण का माध्यम बना देते हैं। यह गलत होता है और हमें इस बात को समझना चाहिए कि देशभक्ति को अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल करना गलत होता है। हमें देशभक्ति को सही ढंग से समझना चाहिए और देश के विकास और उन्नति के लिए समर्पित होना चाहिए।
देशभक्ति के अभाव में हमारी देश की स्थिति और भी बुरी हो सकती है। इसलिए हमें देशभक्ति को सही ढंग से समझना चाहिए और देश के विकास और उन्नति में सहयोग देना चाहिए। अपने देश के लिए कुछ ना कुछ करना हमारी ज़िम्मेदारी है। इसलिए, देशभक्ति को एक मजाक नहीं बनाना चाहिए। यह एक सच्ची और समर्पित भावना होनी चाहिए जो हमें हमारे देश के विकास और उन्नति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती हो।
देशभक्ति के इस महत्वपूर्ण विषय पर सोचने के लिए अभी हमारे देश के विकास को रोकने वाली कई समस्याओं का समाधान तलाशने की जरूरत है। इससे जुड़े हम सबको अपने-अपने स्तर पर समर्थन देना चाहिए। यह हमारी ज़िम्मेदारी है और हमें इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लेना चाहिए। आइये हम सब मिलकर देश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहें और देशभक्ति के इस महत्वपूर्ण संदेश को फैलाते रहें। तभी हम सबको गर्व होगा अपने देश पर।
" स्वयं प्रकाश " द्वारा लिखित नेताजी का चश्मा से प्रेरित।
स्रोत :- इंस्टाग्राम, यूट्यूब, तथा समाचार लेख


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